आज रियां बड़ी में आरएलपी की विशाल किसान रैली, बजरी खनन और फसल बीमा होगा मुख्य मुद्दा
किसान समस्याओं को लेकर रियां बड़ी में आज जोरदार प्रदर्शन
रियां बड़ी।देशी रिपोर्ट
नागौर जिले के रियां बड़ी कस्बे में आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) की ओर से एक विशाल किसान रैली का आयोजन किया जाएगा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुशार आज दोपहर से शुरू होने वाली इस रैली में हजारों किसान, युवा और ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल होने की संभावना हे। रैली का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में व्याप्त किसान समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना रहा।रैली में अवैध बजरी खनन, भूमि अधिग्रहण में मुआवजे की अनदेखी, फसल बीमा कंपनियों की मनमानी और हाई टेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
अवैध बजरी खनन से किसानों में भारी आक्रोश
किसानों ने आरोप लगाया कि रियां बड़ी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन खुलेआम हो रहा है। बजरी माफियाओं की वजह से गांवों की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, खेतों को नुकसान पहुंच रहा है और आए दिन हादसे हो रहे हैं।इसकी जानकारी कई बार देने के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।किसानों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि आमजन और किसानों की सुरक्षा भी खतरे में है।
हनुमान बेनीवाल करेंगे हुंकार
रैली को आरएलपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल संबोधित करेंगे। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और जिलेभर के हजारों कार्यकर्ता भी रैली में मौजूद रहेगे।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि“किसानों की जमीन, फसल और हक की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सरकार ने समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।”
आज किसान रैली में हजारों की संख्या में जिलेभर से किसान पहुंचने की संभावना
ग्रामीणों के अनुसार रियां बड़ी में आयोजित हो रही ये किसान रैली न सिर्फ स्थानीय समस्याओं की आवाज बनी, बल्कि सरकार और प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश देने के लिए है। रैली के द्वारा किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखेंगे, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन किसानों की इस आवाज पर क्या कदम उठाते हैं।

